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E-cigarette kya hai : what is E cigarette

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E-cigarette kya hai

E-cigarette kya hai : what is E-cigarette

आज के अपने हम इस आर्टिकल में E-cigarette के बारे में बात करेंगे क्योंकि आजकल यह टॉपिक बहुत ही चर्चा का विषय बना हुआ है और बहुत ही लोग नहीं जानते हैं कि E-cigarette kya hai और यह कितना और किस हद तक हानिकारक या लाभदायक है| साथ ही साथ आजकल के युवा वर्ग में फैली कुछ भ्रांतियों के बारे में भी बात करेंगे|

वैसे तो आपने सिगरेट के बारे में तो सुना ही होगा या फिर शायद आप प्रयोग भी करते होंगे लेकिन ई सिगरेट एक अलग ही प्रकार का धूम्रपान यंत्र है या फिर यूं कहें कि या पारंपरिक रूप से प्रयोग किए जाने वाले सिगरेट का ही विकसित रूप है । ई सिगरेट का फैशन भारत में अभी बहुत कम है इसलिए शायद आप ई सिगरेट के बारे में नहीं जानते होंगे इसलिए इस पोस्ट में आपको ई सिगरेट क्या है और इसके संबंध में विभिन्न प्रकार की जानकारियां विस्तार से दी गई है। तो चलिए अपने इस आर्टिकल में इसके बारे में समझते है।

E-cigarette kya hota hai?

E-cigarette kya hai : what is E cigarette

e-cigarette को इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट या फिर वाष्पीकृत सिगरेट कहते हैं। यह बैटरी से चलने वाला उपकरण है । जिसके द्वारा निकोटीन पदार्थ या गैर निकोटीन पदार्थ का वाष्पिक रूप में सेवन किया जाता है। यह उपकरण धूम्रपान की आने वाली अन्य  सामग्री जैसे सिगरेट, सिगार, पाइप , हूक्का आदि का विकल्प ही है। इसे सेवन करते समय किसी प्रकार का धूंवा उत्पन्न नहीं होता । ई सिगरेट एक लंबे पेन की तरह होता है जिसका डिजाइन बाहर से सामान्य  सिगरेट जैसा ही होता है और यह और यह कई सारे फ्लेवर में भी उपलब्ध होता है |

 

सिगरेट की खोज किसने की थी?

सर्वप्रथम ई सिगरेट को 2003 में चीनी फार्मासिस्ट होन लिंक के द्वारा बनाया गया था और फिर अगले साल से ही इसे बाजार में बेचा जाया जाने लगा और उन्हीं की कंपनी गोल्डन ड्रैगन होल्डिंग्स ने विदेशों में भी इसकी बिक्री प्रारंभ की जिससे कि इसका सेवन दुनिया भर में होने लगा है। ई सिगरेट को विकसित करने का मुख्य उद्देश्य तंबाकू युक्त धूम्रपान करने की लत से छुटकारा दिलवाने के लिए किया गया था।

E-cigarette का लाभ

आप इस भ्रम में ना रहिएगा कि ई सिगरेट का कोई लाभ भी  है , लेकिन फिर भी थोड़ा बहुत जो हो सकता है, हम बता रहे हैं|

जैसा कि आपको बताया गया कि ई सिगरेट को विकसित करने का मुख्य उद्देश्य तंबाकू युक्त पारंपरिक सिगरेट की लत से छुटकारा दिलवाने का था। क्योंकि पारंपरिक सिगरेट में सेवन करते समय तंबाकू और कागज दोनों एक साथ जलते हैं जिससे कार्बन का निर्माण होता है और यही कार्बन जाकर मनुष्य के फेफड़े में धीरे-धीरे जमता रहता है और बाद में यही फेफड़ों में जमा हुआ कार्बन टार का रूप ले लेता है। टार  फेफड़े में अधिक मात्रा में जम जाने के कारण मनुष्य सांस का रोगी हो जाता है और यह कैंसर का भी रूप ले लेता है।

जिस उद्देश्य से बनाया गया था वो तो प्राप्त नही हुआ लेकिन इसका उल्टा ही प्रभाव पड़ा | युवा वर्ग सिगरेट के साथ-साथ e-cigarette का भी प्रयोग करने लगे और शुरू शुरू में तो इन्होंने इसे फैशन के रूप में लिया लेकिन बाद में यही इनकी लत बन गई| या फिर यूं कह सकते हैं कि कंपनियों ने अपना सेल बढ़ाने के लिए यह दुष्प्रचार किया कि इससे सिगरेट की लत से छुटकारा मिलेगा | अब जो भी हो लेकिन इसका हमारे समाज पर दुष्प्रभाव ही पड़ रहा है|

E-cigarette का नुकसान

वैसे तो यह सिगरेट को कम खतरनाक माना जाता है परंतु यह मान्यता सही नहीं है क्योंकि उसमें निकोटीन या गैर निकोटिन पदार्थों का लिक्विड प्रयोग किया जाता है जिसमें के विभिन्न प्रकार के रसायन होते हैं विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार ई सिगरेट सामान्य सिगरेट जितना ही खतरनाक है| इसमें फर्मल्डिहाइड और एसिटलडिहाइड नामक रासायनिक पदार्थ का प्रयोग अधिक मात्रा में किया जाता है जो कि बहुत ही खतरनाक होता है। ई सिगरेट कैंसर जनक होने के साथ-साथ फेफड़े और गुर्दों के लिए भी बहुत ही खतरनाक है।

ई सिगरेट पर भारत सरकार द्वारा लगाया गया बैन

मई महीने में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा ई सिगरेट पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने की सिफारिश पर केंद्रीय कैबिनेट बैठक में 18 सितंबर 2019 को भारत के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा ई सिगरेट की बिक्री, उत्पादन, आयात-निर्यात और प्रचार-प्रसार पर पूर्णत प्रतिबंध लगा दिया गया| ई सिगरेट को अमेरिका, जापान, फ्रांस,  ब्राजील जैसे देशों में भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।

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