Home BASIC ELECTRICAL Electric Current definition and current physics in hindi

Electric Current definition and current physics in hindi

0
SHARE

विद्युत धारा (Electric Current)

“किसी विद्युत चालक में समय के सापेक्ष आवेश के प्रवाह की दर (rate of flow of charge) को  विद्युत धारा (Electric Current)कहते हैं। ”

जब  कोई विद्युत चालक सामान्य स्थिति में रखा हुआ है तो उस चालक के मुक्त इलेक्ट्रान (free electron) सामान्य तापमान (Room Temperature) पर तापीय उर्जा (Tharmal Energy) के कारण  भिन्न भिन्न वेग से इधर-उधर (Randomly) गति करते रहतें है लेकिन इन मुक्त इलेक्ट्रानो (free electron) का net movement  शून्य होता है |

इसलिए,

सामान्य अवस्था (Room Temperature) में चालक से विद्युत धारा (Electric Current) का प्रवाह नहीं होता परन्तु जब उस विद्युत चालक पर   विद्युत विभवांतर (Voltage) प्रयुक्त किया जाता है तो उस चालक में विद्युत क्षेत्र   (Electric Field) उत्पन्न हो जाने के कारण किसी एक निश्चित दिशा में विद्युत आवेश (electric charge) प्रवाहित होने लगते हैं।

  • विद्युत चालक में विद्युत धारा (Electric Current) का प्रवाह मुक्त इलेक्ट्रॉनों (free electron) के किसी एक विशेष  दिशा में अपवाह (drifting) के कारण होता है
  •   चूंकि हम सब जानते हैं कि विद्युतआवेश का SI मात्रक कूलाम्ब और समय का मात्रक सेकंड होता है अतः इस आधार पर विद्युत धारा का मात्रक कूलाम्ब प्रति सेकंड होगा परंतु विद्युत धारा (Electric Current) का एक विशेष मात्रक एम्पियर है जो कि विद्युत धारा (Electric Current) का SI मात्रक है|
  • “Electric Current” का SI मात्रक सुप्रसिद्ध फ्रेंच वैज्ञानिक एंडरे-मैरी एम्पीयर के नाम से लिया गया है।

नोट – क्या आप ऑनलाइन डेली 5 मिनट कुछ काम करके पैसे कमाना चाहते है तो क्लिक करे 

यदि किसी विद्युत चालक से कुल Q कूलाम आवेश को प्रवाहित होने में t सेकंड का समय लगता है तो उस चालक से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा (Electric Current) आवेश और समय के अनुपात के बराबर होगी।
अतः
                                              i=Q/t

 


यदि हम विद्युत धारा को एक उदाहरण से समझने का प्रयास करें तो जब किसी चालक से 50 कूलाम का आवेश प्रवाहित होने में 5 सेकंड का समय लगता है तो चालक से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा कितनी होगी?

solution –

i=Q/t
=50/5
=10 एम्पीयर or amp

विद्युत धारा के प्रवाह की दिशा (Conventional current flow direction)

(चित्र-अ) विद्युत धारा (Electric Current)

  

  • मान लीजिए (चित्र-अ  में )  कोई एक कॉपर का चालक है जिसके दोनों टर्मिनलों को किसी बैटरी के दो टर्मिनल से जोड़ देते हैं|
  • बैटरी का एक टर्मिनल धनात्मक है तथा दूसरा टर्मिनल ऋणात्मक है।
  • जैसे ही कॉपर के चालक को बैटरी से जोड़ते हैं तो उस चालक में विद्युत क्षेत्र (Electric Field) स्थापित हो जाता है जिसके कारण चालक में उपस्थित मुक्त इलेक्ट्रॉन (free electron) धनात्मक टर्मिनल की ओर स्थानांतरित होने लगते हैं और चालक में विद्युत धारा प्रवाहित होने लगती हैं।

जब इलेक्ट्रिसिटी की खोज हुई थी | तब यह माना जाता था कि विद्युत धारा (Electric Current) का प्रवाह धनात्मक आयन के कारण होता है जिसके यह निश्चित किया गया कि  विद्युत धारा के प्रवाह की दिशा धनात्मक आयन के प्रवाह के समान ही धनात्मक टर्मिनल से ऋणात्मक टर्मिनल की ओर होती है क्योंकि उस समय तक इलेक्ट्रॉन की खोज नहीं हुई थी|

“चालक में विद्युत धारा (Electric Current) के प्रवाह की दिशा मुक्त इलेक्ट्रॉनों के (free electron) प्रवाह की दिशा के ठीक विपरीत अर्थात धनात्मक टर्मिनल से ऋणात्मक टर्मिनल की ओर है|”

बाद में जब इलेक्ट्रॉन की खोज हो गई और जब यह पता चला कि विद्युत धारा (Electric Current) के उत्पन्न होने  का  कारण इलेक्ट्रानों का प्रवाह है फिर भी  विद्युत धारा (Electric Current) के प्रवाह की दिशा को ज्यो का त्यों का त्यों रहने दिया गया|

  • वास्तव में विद्युत धारा के प्रवाह की दिशा ऋणात्मक टर्मिनल से धनात्मक टर्मिनल की ओर होती है
  • विद्युत धारा (Electric Current) के मापन के लिये एमीटर का प्रयोग करते है|
  • धारा मापने के लिए इसे परिपथ के श्रेणी क्रम में जोड़ देते है ताकि उस परिपथ की सम्पूर्ण विद्युत धारा एमीटर से होकर गुजरे |

विद्युत धारा के प्रकार (Types of Electric Current)

विद्युत धारा दो प्रकार की होती है

1.)प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current )
2.)दिष्ट धारा (Direct Current)

नोट – क्या आप ऑनलाइन डेली 5 मिनट कुछ काम करके पैसे कमाना चाहते है तो क्लिक करे 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here