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Electrical Measuring Instrument in hindi | Types of Instrument in Hindi

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Analog Instruments को दो भागो में विभाजित किया गया है –

1.) Null deflection instrument

इस मापक उपकरण में शुन्य विक्षेपण (Zero deflection) से मापी गई राशि का मान ज्ञात करते हैं| यह उपकरण बहुत ही परिशुद्ध (Accurate) और संवेदनशील (Sensitive) होता है| इस उपकरण में दो प्रकार की राशियों का प्रयोग किया जाता है| जिनमें की एक ज्ञात होती है तथा दूसरी अज्ञात (Unknown) होती है| जब ज्ञात और अज्ञात दोनों राशियों के मान समान होते हैं तो इसका प्वाइंटर  शुन्य विक्षेपण (Zero deflection) प्रदर्शित करता है|  Null deflection instrument का प्रयोग पोटेंशियोमीटर और गैल्वेनोमीटर में शुन्य विक्षेपण प्राप्त करने के लिए किया जाता है|

2.) Deflection Instruments

इस प्रकार के उपकरणों में विद्युत राशियों का मापन प्वाइंटर के (चित्र अ) प्रारंभिक स्थिति (Initial stage) से अंतिम (Final stage) स्थिति तक के विक्षेपण से मापा जाता है |

चित्र अ

इस प्रकार के उपकरणों को भली-भांति समझाने के लिए नीचे चित्र ब  में Permanent magnet moving coil अमीटर प्रदर्शित किया गया है|

चित्र ब

ऊपर चित्र ब  में दो स्थाई चुंबक (Permanent magnet) दिखाए गए हैं जो कि इस उपकरण का स्थिर हिस्सा है| इस उपकरण का गतिशील हिस्सा (Movable parts) दोनों स्थाई चुंबक के बीच में होता है जिसमें 1 पॉइंटर लगा होता है| इस पॉइंटर का विक्षेपण उपकरण में प्रवाहित होने वाली धारा के अनुक्रमानुपाती (Directly proportional) होता है| इस प्रकार से बल आघूर्ण (Torque) भी धारा के अनुक्रमानुपाती होगा|

 Td = K.I, जहां  Td- विक्षेपित बल आघूर्ण है|
K- अनुक्रमानुपाती नियतांक proportionality constant

K अनुक्रमानुपाती नियतांक (Proportionality constant) का मान चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic field) की प्रबलता और कुंडली के वर्तों (Turns of coil) की संख्या पर निर्भर करता है| इसका प्वाइंटर दो विपरीत बलों के बीच में विक्षेपित होता रहता है जोकि चुंबक और स्प्रिंग के द्वारा उत्पन्न किया जाता है| विद्युत धारा का मान विक्षेपण कोण और K के मान के द्वारा प्राप्त किया जाता है|

Deflection Instruments तीन प्रकार का होता है-

1.) Indicating instrument

इस विद्युत मापक उपकरण के द्वारा किसी विद्युत राशि को मापा जाता है तो तो मापी जाने वाली राशि का मान यह सीधे-सीधे सूचित indicate करता है इसलिए Indicating instrument कहलाता है| जैसे अमीटर, वोल्टमीटर, वाटमीटर आदि| इस प्रकार के उपकरणों में एक चल सूचक (Moving pointer) होता है जो कि आशंकित पैमाने (Graduated scale) पर घूमकर मापी जाने वाली राशि का मान सीधे-सीधे प्रदर्शित कर देता है| उदाहरण के लिए यदि एक अमीटर को किसी परिपथ (Circuit) से जोड़ देते हैं तो उसका पॉइंटर उस परिपथ में प्रवाहित हो रही धारा का मान सीधे-सीधे सूचक के माध्यम से प्रदर्शित कर देगा|

2.) Integrating instrument

वे विद्युत मापक उपकरण जो की दिए गए समय में Total electricity या Electrical energy को प्रदर्शित करता है| जैसे Ampere-hour metre या watt-hour metre | इस प्रकार के उपकरणों में कई सारे डायल्स और प्वाइंटर्स होते हैं जोकि विद्युत भार को सप्लाई की गई electricity या Electrical energy की मात्रा को रजिस्टर करते हैं|

3.) Recording instrument

ये उपकरण मापी जाने वाली राशि के मान में होने वाले परिवर्तनों को लगातार रिकॉर्ड करती रहती हैं|  Indicating instrument की तरह इनमें भी एक प्वाइंटर होता है जोकि एक पेन से जुड़ा होता है| यह पेन एकसमान चाल (Uniform speed) से धीरे-धीरे घूमते हुए ड्रम पर लपेटे हुए चार्ट पर हल्के से रखा रहता है| ड्रम के गति की दिशा पेन की दिशा के लंबवत (perpendicular) होती है| रिकॉर्डिंग वोल्ट मीटर का प्रयोग supply station पर मेंस को दी जा रही बिजली electricity की वोल्टाता (Voltage) को रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता है किसी प्रकार से सप्लाई स्टेशनों पर रिकॉर्डिंग अमीटर का प्रयोग बैटरी से ली जा रही धारा को रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता है|

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