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Free electron drift velocity in Hindi

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अपवाह वेग (Drift Velocity)

“जब कोई पिंड(Body) इस प्रकार से गति करता है कि बार-बार उसका वेग(velocity) और दिशा(direction) बदलता रहता है तो पिंड की यह गति अपवाह वेग (drift velocity) कहलाती है।”

जब इसी प्रकार की गति को विद्युत चालक (Electric Conductor) में उपस्थित मुक्त इलेक्ट्रॉनों (Free Electrons) के संबंध में समझे तो-

जब किसी चालक (Electric Conductor) पर कोई विद्युत क्षेत्र (Electric Field) अथवा विद्युत विभवान्तर (voltage) प्रयुक्त किया जाता है तो  उसमें उपस्थित मुक्त इलेक्ट्रान (Free Electrons) विद्युत क्षेत्र (Electric Field)  की दिशा में विद्युत बल (electrical force) का अनुभव करते हैं|

जिसके कारण वह मुक्त इलेक्ट्रॉन (Free Electrons)  अपवाह वेग (drift velocity) से अर्थात भिन्न-भिन्न वेग से भिन्न-भिन्न दिशाओं में गति करने लगते हैं।

  • मुक्त इलेक्ट्रॉनों (Free Electrons)  की इस प्रकार की गति चालक पर प्रयुक्त की जानें वाली विद्युत क्षेत्र (Electric Field) के कारण ही होती है।
  •  मुक्त इलेक्ट्रॉन (Free Electrons) इसी प्रकार से गति करते हुए विद्युत बल के अनुभव के कारण उच्च विभव (High Potential) की ओर जाने लगते हैं। 

मुक्त इलेक्ट्रानों (Free Electrons)  का  वह औसत वेग जिससे कि विद्युत चालक  (Electric Conductor) के मुक्त इलेक्ट्रॉन (Free Electrons) विद्युत विभवांतर (Voltage) के प्रभाव के कारण उच्च विभव (High Potential की ओर अपवाहित (Drifted) होते हैं |”
 

  • अपवाह वेग (Drift Velocity) को Vd से प्रदर्शित करते हैं।
  •  मुक्त इलेक्ट्रॉनों (Free Electrons)  के अपवाह वेग (drift velocity) का मान बहुत ही कम होता है | 
  • अपवाह वेग (drift velocity) वेग का मान 10^-5   m/s कोटि (Order) का होता है। 

    सोचिए कि जब इलेक्ट्रॉनों (Free Electrons) के अपवाह वेग (Drift Velocity) का मान इतना कम होता है तो जब हम घर के किसी पंखे का स्विच ऑन करते हैं तो तुरंत ही क्यों चालू हो जाता है?
  • इसका कारण यह है कि जब किसी चालक पर विद्युत क्षेत्र (Electric Field)  अथवा विद्युत विभवांतर (Voltage) प्रयुक्त किया जाता है तो चालक  (Electric Conductor)  में विद्युत क्षेत्र (Electric Field) का प्रसार (Propagation) प्रकाश की चाल के बराबर होता है।

  • प्रकाश की चाल 3 x 10^8  होती है।

विद्युत धारा (Electric Current) तथा अपवाह वेग(drift velocity) में संबंध:

माना यदि किसी कांपर के विद्युत चालक  (Electric Conductor) से I विद्युत धारा (Electric Current)   प्रवाहित होती है जिसके कारण  विद्युत चालक (Electric Conductor) में विद्युत क्षेत्र (Electric Field) उत्पन्न हो जाता है।‌‌‍‍‍‍ 


(चित्र -क) अपवाह वेग (Drift Velocity)


A=विद्युत चालक के अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल (Cross Section-Area)
n=इलेक्ट्रॉन घनत्व (Electron Density) अर्थात मुक्त इलेक्ट्रॉनों (Free Electrons) की संख्या प्रति घनत्व
e=इलेक्ट्रॉन का आवेश (Electron Charge)
Vd =मुक्त इलेक्ट्रॉनों (Free Electrons)  का अपवाह वेग (drift velocity)

मान लें (चित्र -क में  ) कि मुक्त इलेक्ट्रान (Free Electrons)  एक सेकंड में V दूरी तय करतें हैं तो यदि O से P  अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल (Cross Section-Area) की दूरी V है तो सभी मुक्त इलेक्ट्रानों (Free Electrons)  को O से P आने में एक सेकंड लगेगा |

 Vd लम्बाई तक के चालक  (Electric Conductor)  का आयतन होगा = AVd घन मी or cube meter 

यदि इकाई आयतन (Unit Volume) में मुक्त इलेक्ट्रानों (Free Electrons) की संख्या n है तो

AVd घन मी  आयतन में मुक्त इलेक्ट्रानों (Free Electrons)  की संख्या होगी = nAVd इलेक्ट्रान 

तो nAVd इलेक्ट्रानों पर आवेश होगा = (nAVd)e कूलाम्ब 

अतः p अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल से प्रति सेकंड प्रवाहित होने वाले मुक्त इलेक्ट्रानों (Free Electrons)  का आवेश = neAVd   
   
    विद्युत धारा , I=neAVd

चूंकि A,e और n नियतांक हैं अतः
     चालक  (Electric Conductor)  में प्रवाहित विद्युत धारा  I ,  अपवाह वेग (drift velocity) Vd के अनुक्रमानुपाती (Directly Proportional) होगा |

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