Home BASIC SCIENCE घर्षण बल क्या है | Friction in hindi

घर्षण बल क्या है | Friction in hindi

0
SHARE

घर्षण  बल (FRICTION)

जब कोई वस्तु किसी  सतह पर फिसलती है तो स्पर्शी तलों  के मध्य एक विरोधी बल कार्य करने लगता है जो गति के विपरीत दिशा में कार्य करता है |इसी विरोधी बल को घर्षण बल (Friction) कहते हैं |

या दुसरे शब्दों में कहें तो घर्षण बल (Friction) वह विरोधी बल है जो दो सतहों के बिच होने वाली गति का विरोध करता हैं |

नोट – क्या आप ऑनलाइन डेली 5 मिनट कुछ काम करके पैसे कमाना चाहते है तो क्लिक करे 

 

घर्षण के नियम (Laws of friction)

घर्षण बल अभिलम्ब प्रतिक्रिया R के अनुक्रमानुपाती होता है |

  f∝R

  • घर्षण बल वस्तु के गति की दिशा के विपरीत दिशा में कार्य करता है |
  • यह बल सतह की प्रकृति पर निर्भर करता है |
  • घर्षण बल संपर्क तलों के क्षेत्रफल पर नहीं निर्भर करता |

अभिलम्ब प्रतिक्रिया (Normal Reaction) 

माना कि उपर चित्र में किसी मेज पर एक गुटका रखा है, जो की विरामावस्था में है तो उस समय उस पर दो बल कार्य कर  रहा है |

  1. पहला इसके भार के कारण mg जो की इसके  गुरुत्व केंद्र से उर्ध्वाधर निचे की ओर कार्य कर रहा है |
  2. दूसरा मेज द्वारा ठीक उर्ध्वाधर उपर की ओर गुटके पर आरोपित हो रहा है, जिसे प्रतिक्रिया बल (P ) कहते है |ये बल गुटके के गुरुत्व केंद्र से गुजरता है |
  • P=mg के कारण ही गुटका मेज पर संतुलन की स्थिति में है |

घर्षण गुणांक (Coefficiant of friction)

घर्षण बल तथा अभिलम्ब प्रतिक्रिया बल के अनुपात को घर्षण गुणांक कहते है |

घर्षण गुणांक, µ=घर्षण बल/अभिलम्ब प्रतिक्रिया बल

μ= F/R

  • घर्षण गुणांक मात्रकहीन तथा विमाहीन राशी है |
  • इसका मान 0 से 1 के बिच ही होता है|

स्थैतिक घर्षण बल (Static friction in hindi) 

स्थैतिक घर्षण बल (Static friction in hindi)
स्थैतिक घर्षण बल (Static friction in hindi)

अब जब गुटके पर एक छोटा सा क्षैतिज बल(F) बांयी ओर लगता है तो गुटका चलता नहीं परन्तु प्रतिक्रिया बल कुछ दायीं ओर झुक जाता है |इस बल को दो घटकों(लंम्बवत तथा क्षैतिज घटक ) में वियोजित करने पर जो  क्षैतिज घटक प्राप्त होता है, उसको स्थैतिक घर्षण बल fs (static friction)  कहते है |

f s ,F को संतुलित करता है और F के विपरीत दिशा में कार्य करता है |गुटका संतुलन में F=fs के कारण रहता है |वियोजन से  प्राप्त  लंम्बवत घटक गुटके पर अभिलम्ब प्रतिक्रिया (R) है जो की गुटके के भार को संतुलित(R=mg) करता है |

नोट – क्या आप ऑनलाइन डेली 5 मिनट कुछ काम करके पैसे कमाना चाहते है तो क्लिक करे 

 

सीमांत घर्षण बल (Limiting friction in hindi) 

स्थैतिक घर्षण बल (Static friction in hindi)
स्थैतिक घर्षण बल (Static friction in hindi)

अब यदि गुटके पर लगे बल F को थोड़ा और बढ़ा दे तो भी गुटका चलता नहीं परन्तु P थोड़ा और झुक जाता है जिससे ये पता चलता है कि f s फिर से F के बराबर हो गया जिससे गुटका आगे नही बढ़ा |जैसे –जैसे F बढ़ाते हैं f s बढ़ता चला जाता है परन्तु एक समय ऐसा आता है जब f s  और नहीं बढ़ता और इस समय गुटका चलने वाला ही होता है |

अतः “स्थैतिक घर्षण बल f s का अधिकतम मान ही सीमांत घर्षण बल (Static friction)  कहलाता है |”

  • इस बल का मान संपर्क तलों की प्रकृति तथा खुरदुरेपन पर निर्भर करता है, परन्तु तलों के आकार और क्षेत्रफल पर निर्भर नही करता है |

 

गतिक घर्षण  बल (KINETIC FRICTION)

गतिक घर्षण  बल (KINETIC FRICTION)
गतिक घर्षण  बल (KINETIC FRICTION)

अब जरा सा भी बल (F) बढ़ाने  से गुटका चल पड़ेगा और जब एक बार गुटका चल पड़ा तो दोनों तलों के बिच एक दूसरा  घर्षण बल कार्य करने लगता है,इस  घर्षण बल को गतिक घर्षण बल fk  कहते है | इस बल का मान सीमांत स्थैतिक घर्षण बल से कम होता है|

 

लोटनी घर्षण बल (Rolling Friction in hindi)

लोटनी घर्षण बल (Rolling Friction in hindi)
लोटनी घर्षण बल (Rolling Friction in hindi)

कोई बेलनाकार या गोलाकार वस्तु किसी सतह पर लुढ़कती है तो सतह और वस्तु के बिच जो घर्षण बल लगता है, उसे लोटनी घर्षण बल (Rolling friction) कहते हैं |

  • लोटनी घर्षण बल  का मान फिसलन घर्षण बल  की अपेक्षा कम होता है |

सीमांत घर्षण बल > स्थैतिक घर्षण बल> गतिज घर्षण बल > लोटनी घर्षण बल

 

घर्षण बल से लाभ और हानि  

  1. घर्षण बल से लाभ यह है कि हम घर्षण के कारण ही पृथ्वी पर बिना फिसले चल सकते है|
  2. सभी वाहनों में ब्रेक घर्षण बल के कारण ही लगता है |
  3. घर्षण बल के कारण ही हम बोर्ड पर  लिख सकते है|
  4. इस बल से हानि यह है कि घर्षण के कारण ही मशीनों में उर्जा के  कुछ भाग की हानी  और मशीनों में टूट-फूट होती हैं |

 

घर्षण को कम करना

  1. मशीनों में  स्नेहक(तेल या ग्रीस ) का प्रयोग करके|
  2. बॉल बेयरिंग आदि का प्रयोग करके घर्षण को कम किया जा सकता है  |
  3. गतिज घर्षण बल के अपेक्षा लोटनी घर्षण बल का प्रयोग करके |
  4. साबुन का घोल तथा पाउडर का प्रयोग करके |

नोट – क्या आप ऑनलाइन डेली 5 मिनट कुछ काम करके पैसे कमाना चाहते है तो क्लिक करे 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here