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Heating effect of electric current  in hindi

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Heating effect of electric current 

जब किसी चालक से विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो वह चालक कुछ देर के बाद गर्म हो जाता है और इससे कुछ मात्रा में उष्मा निकलती है|  प्रवाहित विद्युत धारा (electric current) द्वारा चालक पर इस प्रकार के प्रभाव को विद्युत धारा का तपन प्रभाव (Heating effect of electric current ) कहते हैं|

  •  विद्युत धारा द्वारा चालक पर इस प्रकार के प्रभाव के कारण  चालक को जो विद्युत ऊर्जा दी जाती  है उसका कुछ हिस्सा उष्मीय उर्जा में बदल जाता है|
  • चालक से विद्युत धारा प्रवाहित होने पर चालक में  प्रवाहित होने वाले इलेक्ट्रॉन और अणुओं के बीच घर्षण कार्य करने लगता है, जिसे प्रतिरोध (resistance) कहते हैं |
  • किसी चालक पर विद्युत धारा का तपन प्रभाव इस प्रतिरोध के कारण होता है|

विद्युत धारा के तपन प्रभाव (Heating effect of electric current) को प्रभावित करने वाले कारक

  1. चालक का प्रतिरोध चालक का प्रतिरोध- जितना अधिक होगा उतनी अधिक ऊष्मा चालक से उत्सर्जित होगी|
  2. प्रवाहित धारा का समय- चालक से विद्युत धारा जितने अधिक समय तक प्रवाहित होगी उस चालक से उतनी ही अधिक उष्मा उत्सर्जित होगी|
  3. प्रवाहित होने वाली धारा की मात्रा- चालक से प्रवाहित होने वाली धारा का मान जितना अधिक होगा चालक से उतनी ही अधिक उष्मा उत्सर्जित होगी|

अनुप्रयोग 

विद्युत धारा के इस प्रकार के प्रभाव का प्रयोग विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रिक उपकरणों में किया जाता है जैसे इलेक्ट्रिक बल्ब, इलेक्ट्रिक हीटर, फ्यूज, इलेक्ट्रिक टोस्टर, इलेक्ट्रिक आयरन, इलेक्ट्रिक कैटल, सोल्डरिंग आयरन इत्यादि|

  • उक्त  सभी उपकरण विद्युत धारा के तपन प्रभाव के सिद्धांत पर ही मूलतः कार्य करते हैं|
  • सभी उपकरणों में एक उच्च प्रतिरोधकता वाला अवयव होता है|  जिससे विद्युत धारा प्रवाहित करके इच्छा अनुसार उष्मा उत्पन्न की  जाती है, इस अवयव को तपन अवयव कहते हैं|
  • इलेक्ट्रिक बल्ब का फिलामेंट, तपन अवयव ही होता है जोकि टंगस्टन नामक धातु का बना होता है|
  • वैसे तो तपन अवयव बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के पदार्थों का प्रयोग किया जाता है परंतु समान्यतः निकिल और क्रोमियम के मिश्र धातु का प्रयोग करते हैं|
  • निकिल और क्रोमियम के मिश्र धातु को  नाइक्रोम कहते हैं| इसका प्रतिरोध तांबे  की अपेक्षा 50 गुना अधिक  होता है|

उक्त सभी उपकरणों में से कुछ उपकरणों के बारे में संक्षेप में  जानने का प्रयास करेंगे-

1) इलेक्ट्रिक बल्ब-

  • इलेक्ट्रिक बल्ब एक ऐसा उपकरण है जिससे प्रकाश और उष्मा उत्सर्जित होती है
  • इलेक्ट्रिक बल्ब को जब विद्युत ऊर्जा दी जाती है तो यह इस ऊर्जा की अधिकतम मात्रा को उष्मा में तथा शेष उर्जा को प्रकाश में परिवर्तित कर देता है|
  • इसमें तापन अवयव का कार्य करने के लिए टंगस्टन धातु का मोटा सा तार लगा होता है जिसे फिलामेंट कहते हैं|
  • बल्ब के अंदर या तो निर्वात होता है या फिर इसमें कोई अक्रिय गैस जैसे- नियॉन,आर्गन आदि भरी रहती है|

2) इलेक्ट्रिक फ्यूज –

यह एक ऐसी युक्ति है जिसका प्रयोग विद्युत परिपथ में श्रेणी क्रम में किया जाता है| जब परिपथ में अत्यधिक धारा प्रवाहित होने लगती है तो यह गल कर टूट जाती है, जिससे कि परिपथ में धारा का प्रवाह रुक जाता है और अधिक नुकसान होने से बच जाता है|

  • यह किसी मिश्र धातु या धातु जैसे तांबा,लोहा,अल्मुनियम आदि का छोटा सा टुकड़ा होता है|

3) इलेक्ट्रिक हिटर-

इलेक्ट्रिक हीटर का प्रयोग भोजन बनाने के लिए किया जाता है| इसके लिए भोजन बनाने वाले बर्तन को गर्म करने की आवश्यकता होती है जिसके लिए उष्मा की आवश्यकता होती है| यह ऊष्मा हीटर में लगे तपन अवयव से प्राप्त होती है|

  • हीटर के तापन अवयव के रूप में नाइक्रोम के तार से बने कुंडली का प्रयोग किया जाता है|
  • इस कुंडली को चीनी मिट्टी के बने खांचो में स्थापित कर दिया जाता है|

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