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Magnetic Effect of Electric current in hindi

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विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव ( Magnetic Effect of Electric current )

जब किसी विद्युत चालक (Conductor) से विद्युत धारा (Electric Current) प्रवाहित की जाती है तब विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव ( Magnetic Effect of Electric current ) यह होता है कि  विद्युत चालक के चारों तरफ उसकी लंबाई के अनुरूप (Along The Length) चुम्बकीय क्षेत्र (Magnetic field) स्थापित हो जाता है|

चित्र क में एक धारावाही चालक (Current flowing Conductor) से उत्पन्न हो रही  चुंबकीय क्षेत्र को प्रदर्शित किया गया है|

  • धारावाही चालक से उत्पन्न होने वाले चुंबकीय क्षेत्र  (Magnetic field)  की चुंबकीय बल रेखाएं (Magnetic Line of Force)  सकेंद्रीय वृत्ताकार (Concentric Circle) में होती है |
  • इन काल्पनिक वृत्तों का केंद्र (Centre of Imaginary Circles) विद्युत चालक ही होता है |
  • चुंबकीय बल रेखाओं की दिशा इस बात पर निर्भर करती है कि चालक में धारा किस दिशा में प्रवाहित हो रही है|
  • चुंबकीय बल रेखाओं की दिशा ज्ञात करने के  लिए दाएं-हाथ के नियम  (Right Hand Rule) का प्रयोग करना पड़ता है|
Magnetic Effect of Electric current in hindi
चित्र क
  • दाएं हाथ के नियम के अनुसार-

धारावाही चालक से उत्पन्न चुंबकीय बल रेखाओं की दिशा ज्ञात करने के लिए चालक को दाएं हाथ में इस प्रकार से पकड़ते हैं कि दाएं हाथ का अंगूठा (Left Hand Thumb)  चालक में प्रवाहित होने वाली धारा की दिशा को प्रदर्शित करता है, तब दाएं हाथ की चारों उंगलियां  (Left Hand Fingers) चुंबकीय क्षेत्र  (Magnetic field)  की दिशा को प्रदर्शित करेंगीं| यदि दाएं हाथ के नियम को चित्र में दिखाए गए चालक पर लगाते हैं तो चालक को बाईं ओर से देखने पर चालक द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र  (Magnetic field)  की दिशा घड़ी के दिशा (Clock-wise)  में होगी क्योंकि इसमें प्रवाहित होने वाली धारा बाएं से दाएं ओर जा रही है |

विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव (Magnetic Effect of Electric current) को भली-भांति समझने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं को समझना अति आवश्यक है –

1.) किसी धारावाही चालक (Current flowing Conductor)  से उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र की प्रबलता धारावाही चालक में प्रवाहित होने वाली धारा पर निर्भर करती है ।अतः यदि धारावाही चालक में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा अधिक है तो उसके चारों ओर प्रबल चुंबकीय क्षेत्र  (Strong Magnetic field)  उत्पन्न होगा|

2.) धारावाही चालक(Current flowing Conductor)  के आसपास हमेशा प्रबल चुंबकीय क्षेत्र  (Strong Magnetic field)  होता है और इस चुंबकीय क्षेत्र की प्रबलता धारावाही चालक से दूर जाने पर कम होती चली जाती है |

3.) धारावाही चालक (Current flowing Conductor)  के चारों ओर उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र  (Magnetic field)  के चुंबकीय बल रेखाओं की दिशा वामावर्त या दक्षिणावर्त अर्थात घडी की दिशा या घडी की उल्टी दिशा में होगी चुंबकीय क्षेत्र  (Magnetic field)  की दिशा चालक में प्रवाहित हो रही धारा पर निर्भर करती है और इसे ज्ञात करने के लिए दाएं हाथ के नियम का प्रयोग करते हैं|

4.) धारावाहिक चालक (Current flowing Conductor)  के चारों ओर उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र का आकार धारावाहि चालक के आकार पर निर्भर करता है।

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